छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल

आँसू के कीमत तैं का जनाबे।
प्रेम- मोहब्बत तैं  का  जानबे।
झगरा हावै धरम अउर जात के,
हे असल इबादत तैं का जानबे।
आँसू  पोंछत  हावै  अँछरा  मा,
दुखिया के हालत तैं का जानबे।
सटका बन के  तैं  बइठे  हावस,
हे जबर बगावत  तैं  का जानबे।
हावै फोरा जी जिनकर  पाँव  मा,
उन झेलिन मुसीबत तैं का जानबे।
सटका= बिचौलिया, फोरा=फोड़ा,
बलदाऊ राम साहू

संघरा-मिंझरा

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