फुगडी गीत

गोबर दे बछरू गोबर दे 
चारो खुंट ला लीपन दे 
चारो देरनिया ल बइठन दे 
अपन खाथे गूदा गूदा 
मोला देथे बीजा बीजा 
ए बीजा ला का करहूं 
रहि जांहूं तीजा 
तीजा के बिहान भाय 
सरी सरी लुगरा 
हेर दे भउजी कपाट के खीला 
केंव केंव करय मंजूर के पीला
एक गोड म लाल भाजी 
एक गोड म खजूर 
कतेक ला मांनव मैं 
देवर ससुर 
आले आले डलिया 
राजा घर के पुतरो 
खेलन दे फुगडी 
फुगडी रे फुआ फू … ।
भरवा काडी के पटा बना ले 
सिकुन काडी के गुजरी 
आबे रे पंचालिन टूरी 
संगे खेलबोन फुगडी 
फुगडी रे फुआ फू … । 
चरखी चरखा के पानी 
भरे तरइया के पानी 
दे तो दाई लाडू 
दीदी देखे ला जाहूं
दीदी हे लइकोरहिन 
भांटो हे नंगरिहा 
घर फिरि आयेंव दाई
कचरा डारे ल गेंव दिदी, हूं हूं 
एक बुंदेला पांयेव दिदी, हूं हूं 
चुनुन चांनन रांधेव दिदी, हूं हूं 
सास-बहू खांयेन दिदी, हूं हूं 
देबर ला बिजरएन दिदी, हूं हूं 

छिंदरइया छिंदरया 
देवर गढैया 
देउर के तीरे तीर 
डंडा गनौवा 
एक कौंडी खंग गे 
काउन पुरवइया 
अर्रा गोंटी पर्रा गोंटी 
का का बनी दे 
अइसन बिजाती भईया 
फुगडी खंलन दे 
फुगडी रे फुआ फू … ।
हार गे डैकी हार गे 
लीम तरी पसार गे 
लीम मोर भईया 
तैं मोर भौजइया

संकलन – संजीव तिवारी

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3 comments

  • वाह जी, फुगड़ी गीत पढ़ के मजा आ गे. एक ठिन वीडियो बना न गा. टुरी टूरा मन ल फुगड़ी खेलत अऊ ये गाना गावत तहां यू ट्यूब मं चढ़ा देव.

    अऊ एक बात बताव, कोनो तीर छत्तीसगढ़ी भासा के शब्द संग्रह, शब्दावली या डिक्शनरी कहूं छपे हावे का? यदि हां, तो कहां मिलही? मोला ईमेल कर के बताहू…

  • शकुन्तला शर्मा

    बढिया फुगडी गीत लिखे हावस ग सञ्जीव भाई ! मोला फुगडी म कहूँ नइ हरा सकत रहिन हें । पामगढ घला जावन हमन खेले बर अऊ गा-गा के बिकट फुगडी खेलन ।

  • varsha thakur

    फुगड़ी गीत ल पढ़ के बचपन के सुरता आगे,संजीव भाई । अड़बड़ खेलन सबो भाई बहिनी अउ संगवारी मन। खेले बर भिनसरहा ले उठ जात रेहन। स्कूल में घलो फुगड़ी प्रतियोगिता होए।

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