बिहान होगे रे

बैरी-बैरी मन मितान होगे रे
हमर देश म बिहान होगे रे
तीन रंग के धजा तिरंगा धरे हे भारत मइया
केसरिया हर त्याग सिखोथे सादासत्य बोलइया
हरियर खेत के निसान होगे रे।
हमर देश म बिहान होगे रे
बीच म चरखा गांधी बबा के गोठ ल सुरता करथे
सत्य अहिंसा के रद्दा छोड़े ले गोड़ म कांटा गड़थे
इही बात के गियान होगे रे।
हमर देश म बिहान होगे रे
भूमिहीन भाई मन बन गिन अब भुइंया के स्वामी
कांध म कांध ल जोर के भैया करथे खेती किसानी
अब बनिहार मन किसान होगे रे।
हमर देश म बिहान होगे रे
ऊंच नीच खंचवा हर पटागे हो गिन सबो बरोबर
छुवा-छूत घुरूवा म फेंकागे बन गिस खातू गोबर
सबके तन म एक परान होगे रे।
हमर देश म बिहान होगे रे
चलत हावे कल करखाना ये भुइंया के छाती म
लोहा हर सोन्ना बन जाथे उपजथे पारस माटी म
हिन्दुस्तान हर महान होगे रे।
हमर देश म बिहान होगे रे

Related posts:

  • आदरणीय “दीप दीदी” ला मोर परनाम, बहुत दिन म आपमन के फोटो देख के अपन लयकुसी के दिन सुरता आ गए. एक घव हम बाबूजी संग दुरुग गए रहेन तव आदरणीय चाचा के आशीरवाद घलव मिले रहिस. आपमन के सस्वर गीत पाठन आजो ले सुरता म हवे. भगवान आपमन ला कुशल अउ प्रसन्न रखय.

    ऊंच नीच खंचवा हर पटागे हो गिन सबो बरोबर
    छुवा-छूत घुरूवा म फेंकागे बन गिस खातू गोबर
    सबके तन म एक परान होगे रे।

    तुहरें सही सुघ्घर फरियाये गीत बर हम अभारी हन, अपन असीस अउ मया ला ऐसनहे रितोवत रहिहव.

  • बहूत सुंदर लागीस अ‍उ बने तारतम्यता हे एला पाडकस्ट करे के सोचव संजीव भैय्या!!

Leave a Reply