हमर गाँव अब जागिस : लखन लाल गुप्त के गीत





हमर गाँव अब जागिस संगी हमर गाँव अब जागिस।
बिपत हमर सब भागिस संगी हमर गाँव अब जागिस॥

असल काम हे हमर गाँव के खेत ला सुघर कमाई
जम्मो जन अब भिड़ के पैदा अन्न खूब उपजाई
बाँध बंधागै कुंआ खनागै खेत के करौ सिंचाई
टेक्टर-नांगर धुंकनी-पंखा घलो गाँव मां लाई
उपज बढाथे खातू मिलथै कीडामार दवाई आगिस
नंवा नंवा अब चलिस योजना हमर गाँव अब जागिस।

अपरिध्दई ला झनिच अगोरा, जुर मिल के सब आवा
आईस क्रांति ला भिड़के जम्मो गाँवे सफल बनावा
ऋषि भुंइया ले खेती करके सुध्घर उपज बढावा
एके क गाँव ले भूख भागिस तौ दस के भूख हे भागिस
हमर गाँव अब जागिस संगी हमर गाँव अब जागिस।

– लखन लाल गुप्त



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