छत्तीगसगढी मोर मातृभाषा आय । मोला अपन मातृभाषा उपर गर्व हे । मैं ये भाषा ल अपन महतारी के दूध संग पिये अउ पचाय हौं । मोर कान म जउन पहली सब्द परिस वो छत्तीसगढी भाषा के रहिस । जब ले मोर महतारी जीयत रहिस हे तब ले मैं वोखर मुंह ले येही भाषा ल सुनेंव अउ गुनेंव । ये भाषा ल मोर पुरखा मन सैकडन बरिस ले बोलत आवत रहिन हें । मोला अपन पुरखा मन उपर गर्व हे, काबर के वोहू मन छत्तीसगढी भाषा ल गर्व के साथ बोलत रहिन हें । आघू पढ़व .....
छत्तीसगढी भाखा के जम्मो परेमी मन ला जय जोहार ! मेकराजाला के ये पतरा म छपवाये खातिर आप अपन अउ संगी-साथी के छत्तीसगढ़ी म लिखे रचना हमला tiwari.sanjeeva एट द gmail.com या रचना के सीडी - संजीव तिवारी ए-40, खण्डेलवाल कालोनी, दुर्ग (छ.ग.) के पता मा पठो सकत हौ.