अपन भासा अपन परदेस के पहचान

संपादक ये आलेख के लेखक के ‘प्रदेश’ शब्‍द के जघा म ‘परदेस’ शब्‍द के प्रयोग म सहमत नई हे। अइसे हिन्‍दी के अपभ्रंश शब्‍द मन जउन पहिली ले प्रचलित नई ये ओ मन ल बिना कारन के बिगाड़ के लिखई अर्थ के अनर्थ करना हे। ‘परदेस’ से आन देश के भाव आथे.. आज हमर छत्तीसगढ़ ल राज बने अठारह बछर होगे फेर मातृभासा म पढ़ाई -लिखाई नई होवत हे। छत्तीसगढ़ के हमर छत्तीसगढ़ी भासा अबड़ मीठ भासा आय जब दू झन अपन भासा म गोठ – बात करत रहिथे त…

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10 दिसम्बर शहीद वीरनारायण सिंह बलिदान दिवस

सोनाखान के हीरा बेटा सोनाखान जमींदार रहय तैं, नाम रहय वीरनारायन। परजा मन के पालन करके, करत रहय तैं सासन।। इखरे सेवा मा बित गे जिनगी, अउ बितगे तोर जवानी। सोनाखान के हीरा बेटा, तैं होगे अमर के बलिदानी।। परिस अकाल राज मा तब ले, चलय न सकिस गुजारा। सबके मुख मा तहिं रहय, अउ तहिं उखर सहारा।। भरे गोदाम अनाज बांट के लिख देय नवा कहानी। सोनाखान के हीरा बेटा, तैं होगे अमर के बलिदानी।। सब के खातिर जेल गये तैं, तभो ले हिम्मत दिखाये। जेल ले भाग के…

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