मोर गांव म कब आबे लोकतंत्र

अंगना दुवार लीप बोहार के डेरौठी म दिया बार के अगोरय वोहा हरेक बछर। नाती पूछय कोन ल अगोरथस दाई तेंहा। डोकरी दई बतइस ते नि जानस रे अजादी आये के बखत हमर बड़ेबड़े नेता मन केहे रिहीन के जब हमर देस अजाद हो जही त हमर देस म लोकतंत्र आही। उही ल अगोरत हंव बाबू। नाती पूछिस ओकर ले का होही दाई ? डोकरी दई किथे लोकतंत्र आही न बेटा त हमर राज होही हमर गांव के बिकास होही। मनखे मनखे में भेद नि रही। हमर गांव के गरीबी…

पूरा पढ़व ..

आजादी के दीवाना : सुभाष चंद्र बोस (23 जनवरी जयंती विशेष)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जनम 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा के कटक शहर में एक बंगाली परिवार में होय रिहिसे । एकर बाबूजी के नाँव श्री जानकी नाथ बोस अउ दाई के नाँव श्रीमती प्रभावती रिहिसे । एकर बाबूजी ह कटक शहर के जाने माने वकील रिहिसे । पढ़ई – लिखई – सुभाष चंद्र बोस ह पढ़ई – लिखई में बहुत हुशियार रिहिसे । वोला पढ़े लिखे के अब्बड़ सँउख रिहिसे । प्राथमिक शाला ल वोहा कटक शहर में पूरा करीस हे । ओकर बाद कालेज ल कलकत्ता में…

पूरा पढ़व ..