छत्तीसगढ़िया कहाबो, छत्तीसगढ़ी बोलबो अउ चल संगी पढ़े ला

छत्तीसगढ़िया कहाबो

अपन महतारी भाखा ल गोठियाबो,
छत्तीसगढ़िया कहाबो,संगी छत्तीसगढ़िया कहाबो।

लहू म भर के भाखा के आगी,छत्तीसगढ़ी ल गोठियाबो।
छत्तीसगढ़िया अब हम कहाबो, छत्तीसगढ़िया कहाबो।

अमर शहीद पुरखा के आंधी ल, अपन करेजा म जराबो।
बलदानी वीरनारायण जइसे, छत्तीसगढ़ के लईका कहाबो।

अपन माटी अपन मया ल, छत्तीसगढ़ महतारी बर लुटाबो।
छत्तीसगढ़िया कहाबो भईया, छत्तीसगढ़िया कहाबो।

बघवा असन दहाड़ के,छत्तीसगढ़ी भाखा गोठियाबो।
अपन महतारी भाखा ल जगाबो। महतारी भाखा ल जगाबो।

छत्तीसगढ़ के माटी के, करजा ल अब छुटाबो।
छत्तीसगढ़िया कहबो संगी छत्तीसगढ़िया कहाबो।

छत्तीसगढ़ महतारी के पीरा, ल अब दुरिहा भगाबो।
छत्तीसगढ़ी भाखा ल गोठियाबो, छत्तीसगढ़िया कहाबो।




छत्तीसगढ़ी बोलबो

मया के मीठ मधुरस, करेजा म घोलबो,
गुरतुर बोली हमर, छत्तीसगढ़ी बोलबो

बोली हे मोर, बढ़ सुघ्घर भाखा हे,
गोठियाये के मन म, बड़ अभिलासा हे।

सारी जगहा अपन, बोली-भाखा ल बगराबो
छत्तीसगढ़ी भाखा ल जगाबो, छत्तीसगढ़ी भाखा ल जगाबो।

छत्तीसगढ़ के जुन्ना-नवा परंपरा ल अपनाबो,
छत्तीसगढ़ी संस्कृरिति ल सब्बो झन ल जनाबो।

संगी-जहुरिया संग, छत्तीसगढ़ी म गोठियाबो।
अपन बोली-भाखा ल अपनाबो,अपन भाखा ल अपनाबो।

जोहार छत्तीसगढ़ के नारा,सब्बो जगहा लगाबो,
छत्तीसगढ़ी गोठियाबो,संगी, छत्तीसगढ़ी गोठियाबो।




चल संगी पढ़े ला

चल-चलबो संगी-पढ़े ला,
अपन जिनगी ला गढ़े ला
पढ़बे नई तो कइसे करबे,
जिनगी ला कइसे गढ़बे।
छत्तीसगढ़ ला आघु बढाना हे,
अपन भाखा ल जगाना हे।
कब तक दुसर के पाछु पड़े रहिबे,
कोकरो कहे-धरे म जुरीयात रहिबे।
सियान के गियान ल माथा म धरबे,
बिग्यान के संग म आघु-आघु बढ़ बे।
लइका-सियान सबो ल आपस म संगरबे,
अपन दाई-ददा के सम्मान बर तो लड़बे।

-अनिल कुमार पाली
तारबाहर बिलासपुर छत्तीसगढ़।
प्रशिक्षण अधिकारी आई टी आई मगरलोड धमतारी।
मो.न.-7722906664,7987766416
ईमेल:- anilpali635@gmail.com



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *