देवारी तिहार आवत हे

हरियर हरियर लुगरा पहिरके दाई बहिनी मन नाचत हे आरा पारा खोर गली मोहल्ला सुवा गीत ल गावत हे सुग्हर संदेश के नेवता देवत देवारी तिहार आवत हे घर अंगना कोठा कुरिया पेरौवसी माटी म छबावत हे जाला जक्कड़ खोंदरा कुरिया निसैईनी चड़के झटावत हे लाली सफेद पिंवरी छुही घर अंगना ल लिपावत हे कोल्लर कोल्लर माटी लाके गईरी माटी […]

Continue reading »

सुरता तोर आथे

पहाति बिहानिया हो चाहे, संझाति बेरा के बुड़त संझा हो! काम बुता म मन नी लागे, भईगे सुरता तोर आथे! का करवं तोर बिन, ऐको कन मन नई लागे! हर घड़ी बेरा कुबेरा, सुसक सुसक्के रोवाथे! बईहा पगला दीवाना होगेवं, मया म तोर मयारु! अब तो अईसे लागथे, तोर बिन कईसे रहि पांहु! जिनगी जिए जियत मरत ले, किरिया तोला […]

Continue reading »
1 2 3 194