आगे कुँवार

आगे कुँवार महीना दाई, सुग्घर जोत जलाबो वो। नौ दिन नौ रतिहा दाई, तोर सेवा ला गाबो वो।। नवरात्रि नव कलसा साजे, सुग्घर लहरावय जंवारा वो। मेला उमंग अउ उत्साह हे, गाँव -गाँव अउ पारा वो।। शक्ति काली दुर्गा भवानी, आनी-बानी नाम कहाय। अब्बड़ शक्ति तोर वो दाई, भगत के तै करे सहाय।। महामाई रतनपुर वाली, सम्बलपुर के समलाई वो। हाथ जोड़ विनती करव तोर, जय डोंगरगढ़ बमलाई वो।। युवराज वर्मा बरगड़ा (साजा)

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लाली लाली

लाली लाली चूड़ी माँ के, लाली बिंदी लगाये हे। बघवा मा हे बइठे दाई, मोर दुवारी आये हे।। लाली लाली सिंदूर माँ के, लाली महुर रचाये हे । सबला अशीष दे के माता, मने मन  मुस्काये हे ।। लाली लाली होंठ हवय माँ, लाली मेंहदी लगाये हे । दया मया सब बर करथे माँ, नव दिन बर वो आये हे ।। लाली लाली लुगरा माँ के, लाली चुनर चढ़ाये हे।। हाथ जोड़ के भक्त सबोझन, माथा अपन नवाये हे।। प्रिया देवांगन “प्रियू” पंडरिया  (कवर्धा) छत्तीसगढ़

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