जियत ले मारिस डंडा , मरिस त लेगिस गंगा

तइहा तइहा के बात आय। पैरी नदी के खंड़ म राजिम नाव के गांव रहय। राजिम म खालहे डहर महानदी अऊ पैरी नदी के संगम घला रहय। असाढ़ सावन म महानदी के पानी सिद्धा राजिम के गली म खुसर जाये तेकर सेती राजिम के घर दुवार म पानी भर जाय। बरसात के चार महिना म उहां के लोगन के जीना हराम रहय। राजिम के मनखे मन बहुतेच मेहनती रहय। रात दिन हकर हकर खेत खार म कमा कमाके अपन जान दे देवय। उंकर तिर पइसा के दुकाल नी रहय। राजिम…

पूरा पढ़व ..

हमर देस राज म शिक्षक के महत्तम

कोनो भी देस के बिकास ह सिछक के हाथ म होथे काबर के वो ह रास्ट्र के निरमान करता होथे। वो ह देस के भबिस्य कहे जाने वाला लईकरन मन ल अपन हर गियान ल दे के पढ़ईया लईकरन मन ल ये काबिल बनाये के कोसिस करथे के वो ह देस के बिकास के खातिर कोनो भी छेत्र म सहयोगी बन सकय। हर मनखे के जीनगी म गुरू के बिसेस हमत्तम हावय। हमर देस राज म गुरू अउ सिस्य के परंपरा सनातन काल ले चले आवत हे। हर देस म…

पूरा पढ़व ..