नवदिन नवरात्रि (घनाक्षरी छंद)

नवदिन नवराती , बरे दिया संग बाती । बघवा सवार होके , दाई हा बिराजे हे ।। नवदिन नवरूप , देय सबो हुम धुप ।  शंख चक्र गदा दाई , हाथ तोर साजे हे ।। धरे तिरशूल भाला , पहिरे हे मुंडी  माला । मन्दिर मा दाई तोर , मांदर हा बाजे हे ।। भगत खड़े दुवारी , लेके पान सुपारी । कर पूरा आस दाई , दिन तोर आजे हे ।। आनी बानी रूप धरे , मनौती ला पूरा करे । सेउक हे दाई सबो , जस तोर गात…

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किताब कोठी : हीरा सोनाखान के

“हीरा सोनाखान के”, ये किताब अमर शहीद वीर नारायण सिंह के वीरता के गाथा आय, इही पाय के एला वीर छन्द मा लिखे गेहे । वीर छन्द ला आल्हा छन्द घलो कहे जाथे | ये मात्रिक छन्द आय। विषम चरण मा 16 मात्रा अउ सम चरण मा 15 मात्रा होथे । सम चरण के अंत गुरु, लघु ले करे जाथे। अतिश्योक्ति अलंकार के प्रयोग सोना मा सुहागा कस काम करथे | ये किताब मा आल्हा छन्द सहित 21 किसम के छन्द पढे बर मिलही। … पढे जाने बिना चिंतन नई…

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