आमा के अथान – चौपई छन्द (जयकारी छंद )

अब अथान आमा के खाव,आगे गरमी कम हे भाव। झोला धर के जाव बजार,*लानव आमा छाँट निमार। मेथी संग मा सरसों तेल,येकर राखव सुग्घर मेल। * मेथी अउ सरसों के दार,चिटिक करायत होथे सार। 2 पीसे हरदी बने मिलाव,लहसुन डारे झने भुलाव। जीरा के येमा हे खेल,नापतौल के डारव तेल। 3 मिरचा सिरतो कमती खाव,स्वाद देख के नून मिलाव। थोरिक अदरक घलो मिलाव,दू दू दिन मा बने हिलाव। 4 गोही ला झन फेंकव हेर,लेव स्वाद खाये के बेर। अब्बड़ मिठाथे गोही जान,आमा सँग मा बनय अथान। 5 राखव कुछ दिन…

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