कब बनही छत्‍तीसगढ़ी ह राजकाज के भाषा

आप मन तो जानतेच हव, के हमर प्रदेश के ढ़ाई करोड़ मनखे मन के भाखा छत्तीसगढ़ी आए, कहे के मतलब ये, के, इहां के जादातर मनखे मन, छत्तीसगढ़ी बोलथें। नवा प्रदेश के गठन होए के बाद, जनता के मांग उपर, सरकार ह विधान सभा म छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम 1957 म संशोधन छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, 2007 पास होइस। मध्‍यप्रदेश के ये मूल अधिनियम के धारा 2 म, छत्तीसगढ़ी के लिपि के रूप म देवनागरी ल स्‍वीकार करे गीस, अउ धारा 3 के उपधारा 1 म, जिहां हिन्‍दी भर रहिस तिहां,…

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छत्तीसगढ़ी भाषा का मानकीकरण : कुछ विचार

डॉ. विनय कुमार पाठक और डॉ. विनोद कुमार वर्मा की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ी का संपूर्ण व्याकरण’ पढ़ने को मिली। इसमें देवनागरी लिपि के समस्त वर्णों को शामिल करने की पुरजोर वकालत की गई है। यह भी ज्ञात हुआ कि डॉ. वर्मा और श्री नरेन्द्र कौशिक ‘अमसेनवी’ की पुस्तक ‘ छत्तीसगढ़ी का मानकीकरण : मार्गदर्शिका’ भी शीघ्र प्रकाशित होने वाली है। यहाँ मैं ‘छत्तीसगढ़ी का संपूर्ण व्याकरण’ पुस्तक पर अपने कुछ सवाल और विचार रखना चाहता हूँ। क्या व्यक्तिवाचक संज्ञा के लिए ही देवनागरी लिपि के सभी वर्णों को स्वीकार किया गया…

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