कब बनही छत्‍तीसगढ़ी ह राजकाज के भाषा

आप मन तो जानतेच हव, के हमर प्रदेश के ढ़ाई करोड़ मनखे मन के भाखा छत्तीसगढ़ी आए, कहे के मतलब ये, के, इहां के जादातर मनखे मन, छत्तीसगढ़ी बोलथें। नवा प्रदेश के गठन होए के बाद, जनता के मांग उपर, सरकार ह विधान सभा म छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम 1957 म संशोधन छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, 2007 पास होइस।

मध्‍यप्रदेश के ये मूल अधिनियम के धारा 2 म, छत्तीसगढ़ी के लिपि के रूप म देवनागरी ल स्‍वीकार करे गीस, अउ धारा 3 के उपधारा 1 म, जिहां हिन्‍दी भर रहिस तिहां, ‘और छत्‍तीसगढ़ी’ जोड़ के, छत्‍तीसगढ़ी ल छत्तीसगढ़ राज्‍य के ‘आफीसियल लैग्‍वेज’ के रूप में स्‍वीकार करत सुधारे गीस।
फेर मध्‍य प्रदेश के मूल अधिनियम के धारा 1 के उपधारा 2 ह, ये अधिनियम ल तुरते राजपत्र म प्रकाशन के बाद, लागू करे के बात कहे रहिस, तेला इहां मेंझार के, लिखे गीस – ये तब लागू होही, जब राज्‍य सरकार अधिसूचना जारी करही। कहे के मतलब ये हे, के, अतका उदीम, हो-हल्‍ला के बाद घलव, छत्तीसगढ़ी ल सरकार कुलप दीस। ये अधिनियम म, छत्तीसगढ़ी ह राज्‍य सरकार के अधिसूचना के अगोरा म, कलपत, अबिरथा परे हे।

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सरकारी मनखे मन के कहना रहिस, के, पहिली छत्तीसगढ़ सरकार ल, अउ जनता ल, छत्‍तीसगढ़ी म, राज-काज चलाए लईक, बनाए बर, पहिली, सरकारी उदीम चालू करे जाए, वोकरे से, उपर वाले अधिनियम ल प्रभावी बनाये जा सकहि, अउ तब वो दिन आही, जब राज्‍य सरकार के, अधिसूचना जारी होही। ये खातिर, विधान सभा म, 2010 म, छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम बना देहे गीस। ये अधिनियम के प्रस्‍तावना म कहे गए हे, के, “छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का गठन करने के लिए, एक अधिनियम पारित किया जा रहा है, जो राज्य की वैचारिक परंपरा और राज्य की संपूर्ण भाषाई विविधता को प्रभावी रूप से संरक्षित और विकसित करना, और भाषाई अध्ययन, अनुसंधान और प्रलेखन, कृतियों का अनुवाद, संरक्षण, प्रकाशन, सुझाव और सिफारिशों के माध्यम से, पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकारी काम काज में भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य करेगा।”

अब, पाछू आठ-नौ साल ले सरकारी आयोग काम करत हे, फेर लागथे के, सरकारेच ल ओकर काम उपर भरोसा नई ये। सरकार ल नइ लागत हे, के, छत्‍तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, 2007 के मुताबिक छत्तीसगढ़ी ल, हिन्‍दी के बाद प्रदेश के ‘आफीसियल लैग्‍वेज’ बनाए बर, धारा 1 के उपधारा 2 के तहत अधिसूचना जारी करे जाए। जउन दिन ये अधिसूचना, जारी हो जाही वो दिन, हिन्‍दी के संग छत्‍तीसगढ़ी अउ ओकर आन, सह-भाषा मन, प्रदेश के प्रभावी रूप ले राजभाषा बन जाही, अभी नई बने हे। हम सब, भोरहा म हवन।

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अउ, कोनो कहिथे के, हम भोरहा म नइ अन, त बतावैं, के, मूल अधिनियम के धारा दू अउ धारा तीन, के संशोधन कब प्रभावी हो पाही?? जब धारा एक के उपधारा दू ह प्रभाव म आही, मने, धारा एक के उपधारा दू ह पूरा अधिनियम के प्रभाव ल शून्‍य कर देहे हे। ये एक, विरोधाभाष ये, जउन राजनीति या नौकरशाह प्रेरित ये।
भूख लागत हे, जेवन भरे थारी निकले हे, अउ कहे जात हे के, जा, सरग ले घूम के आबे, त जेवन मिलही। अउ हॉं, जाए म बेरा लगही, त आयोग म बिलम जबे, उहां झुनझुना हावे बजाबे।

वईसे बड़े भाई मन के कहना हे कि पहिली छत्तीसगढ़ी ल प्राथमिक स्‍तर के पढ़ई म लाना जरूरी हे, इहू बात सही हे। हमर प्रदेश के मुखिया तको महतारी भाखा बर इही बात कहिथे। कहा-सुनी म छत्तीसगढ़ी अरझे हे, देखव कब हमर भाखा ल मान मिलही।

संजीव तिवारी

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THE CHHATTISGARH OFFICIAL LANGUAGE (AMENDMENT) ACT, 2007

[Act No. 14 of 2008] (Published in Chhattisgarh Rajpatra (Asadharan) dated 11-7-2008 Page 392(1).)

[11th July, 2008]

PREAMBLE
An Act further to amend the Chhattisgarh Official Language Act, 1957.
Whereas, it is expedient to provide for the adoption of Chhattisgarh in addition to Hindi as the language to be used for the official purposes for the State of Chhattisgarh;
Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the Fifty-eighth Year of the Republic of India as follows:–

Section 1 – Short title and commencement
(1) This Act may be called the Chhattisgarh Official Language (Amendment) Act, 2007.
(2) It shall come into force from such date as the State Government may appoint by notification.

Section 2 – Amendment of Section 2
Section 2 of the Chhattisgarh Official Language Act, 1957 (No. 5 of 1958) (hereinafter referred to as the Principal Act). For Section 2, the following shall be substituted, namely:–
“Definitions.–
In this Act, unless the context otherwise requires, —
(a) “Hindi” means Hindi in the Devanagari Script;
(b) “Chhattisgarhi” means Chhattisgarhi in the Devanagari Script.”

Section 3 – Amendment of Section 3
In sub-section (1) of Section 3 of the Principal Act, after the word “Hindi” the words “and Chhattisgarhi” shall be inserted.

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संघरा-मिंझरा

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