कविता – चिड़िया रानी

चिड़िया रानी बड़ी सयानी ,
दिनभर पीती पानी।
दाना लाती अपना खाती,
बच्चों को संग खिलाती ।
चिड़िया रानी चिड़िया रानी —-।।

सुबह सुबह से ,
चींव चींव करके।
सबको सपनों से जगाती,
चिड़िया रानी चिड़िया रानी ।।

आसमान की सैर करती,
बाग बगीचों में घूमा करती।
रंग बिरंगी फूल देखकर ,
मीठी मीठी गीत सुनाती ।
चिड़िया रानी चिड़िया रानी ।।

बच्चों को उड़ना सिखाती,
घर घर के आंगन को जाती।
चींव चींव कर सबको बुलाती,
चिड़िया रानी चिड़िया रानी ।।

दाना लाती पत्ते लाती,
तिनका तिनका करके।
पेड़ों पर घर बनाती ,
चिड़िया रानी चिड़िया रानी ।।

प्रिया देवांगन “प्रियू”
पंडरिया
जिला – कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
Priyadewangan1997@gmail.com

संघरा-मिंझरा

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