टिकेश्‍वर सिन्‍हा ‘गब्‍दीवाला’ के छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संग्रह : ठूठी बाहरी

Thuthi Bahiriभूमिका : टीकेश्वर सिन्हा के कविता संकलन “ठूठी बाहरी ” ल पढे कं वाद सोचें बर परिस आखिर ठूठी बाहरी काबर? बाहरी ह ठूठी कब होथे? जब बाहरी ह घर दूवारी के कचरा ल बाहर के सकेला करथे। ओखर वाद ओला घर गोसइन ह र्फकथे। वइसनेने ये टीकेश्‍वर के कलम ह बाहरी बनके घर द्वार, गाँव, त्तरिया, खेतखार, समाज सब ल बाहर के साफ करे हावय। … सुधा वर्मा.

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