हमर पूंजी

दाई के मया अऊ ददा के गारी।
बस अतकी हमर पूंजी संगवारी।
सुवारी के रिस अऊ लईका के किलकारी।
बस अतकी हमर पूंजी संगवारी।
कोठी भर पीरा अउ भरपेट लचारी।
बस अतकी हमर पूंजी संगवारी।
हिरदे के निरमल;नी जानन लबारी।
बस अतकी हमर पूंजी संगवारी।
कोठा म धेनु अऊ छोटकुन कोला बारी।
बस अतकी हमर पूंजी संगवारी।

रीझे यादव
टेंगनाबासा (छुरा)

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *