छतीसगढ़िया सबले बढ़िया

चिन्ता नईहे कोनो बात के, पाबे इहाँ कमईया।
खेले होली म रंग-गुलाल, देवारी म जलाथे इहाँ दिया।।
नदिया बईला कथे बईला ल, गाय ल गऊ मईया।
कहाथन तभे तो भइया हमन, छतीसगढ़िया सबले बढ़िया।।

महामाया माता रतनपुर म, रईपुर म बंजारी मईया।
बम्लाई मईया डोंगरगढ के, दंतेवाड़ा म दंतेश्वरी मईया।
चरण पखारव मईया तुहर, मेहा संझा बिहनिया।
कहाथन तभे तो भइया हमन, छतीसगढ़िया सबले बढ़िया।।

राजिम म कुलेश्वर महादेव, अऊ कहाथे कुम्भ नगरिया।
जतमई धाम अऊ घटारानी ह, नईहे जादा दूरिहा।
गरियाबन्द के भुतेश्वर नाथ, लागो तोर मेहा पइया।
कहाथन तभे तो भइया हमन, छतीसगढ़िया सबले बढ़िया।।

महान सपुत ला जन्मे हे, इहाँ के पावन भुईयाँ।
सबो तनि हरियाली हाबे, अऊ हाबे रूख के छइहाँ।
बाढ़गे कीर्ति देश म हमर, गुन गावत हवे चिरईया।
कहाथन तभे तो भइया हमन, छतीसगढ़िया सबले बढ़िया।।

करम नी करही किसान मन, ता खेत पर जाहि परिया।
फेशन बनगे स्वीमिंग पुल हा, इहाँ हाबे नदिया-तरिया।
छतीसगढ हा बनगे अब, पढ़ई-लिखई के जरिया।
कहाथन तभे तो भइया हमन, छतीसगढ़िया सबले बढ़िया।।

बात एके ठन कहना चाहथो, मोर इहाँ के जम्मो भईया।
भरोसा झन काकरो तोड़हू, छतीसगढ़ के रहवईया।
जम्मो संगवारी मिलके “राज” ह, भगवान ले परथे पईयाँ।
कहावत रहन अइसने हमन, छतीसगढि़ या सबले बढ़िया।।

जय छत्तीसगढ़

पुष्पराज साहू
बोईरगाँव-छुरा (गरियाबन्द)
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