चुनावी व्‍यंग्‍य : योग्यता

चुनाव के समे लकठियागे रहय। अपन अपन पारटी ले टिकिस झोंके बर, कार्यकरता मनके लइन लगे रहय। पारटी के छोटे से बड़का कार्यकरता, अपन आप ला विनिंग केंडीडेट समझय। पारटी परमुख, टिकिस के लइन देख के, पारटी के जीत के आस म भारी खुस रहय। टिकिस के आस म, लइन लगे कार्यकरता के योग्यता जांचे बर, इंटरबू के आयोजन रखिस।
इकछुक उम्मीदवार ला पारी पारी ले, चेमबर म बलाके सवाल पूछे लगिस अऊ अपन योग्यता बताये बर किहिस। एक झिन बतइस के, मोर योग्यता ये हे के, मेहा छत्तीसगढ़ के बहुत बड़े समाज के अगुवा आवंव, मोला टिकिस मिलही त, मोर पूरा समाज, मोर पिछू पारटी ला जिताये बर उपराहा मेहनत करही। पारटी के मुखिया पूछिस – तैं कतिहां के रहवइया अस बाबू ? उम्मीदवार किथे – खालिस छत्तीसगढ़िया अंव मेहा। न केवल में इहां जनम धरेंव बलकि, मोर पूरवज मन घला इन्हे उपजिन, खेलिन, बाढ़िन अऊ इंहे के माटी म मिल गिन। मुखिया किथे – छत्तीसगढ़िया होना, चुनाव जीते के योग्यता नोहे बेटा, अयोग्यता आय। छत्तीसगढ़िया होना जदि योग्यता होतिस बेटा त, तैं बेरोजगार नी घूमते, कम से कम नानमुन नउकरी पा जाये रहितेस। तैं जादा ले जादा, पंच, सरपंच, जनपद सदस्य या जिला पंचइत तक जा सकत हस। उही समे आबे, अभू पारटी बर काम कर।
दूसर उम्मेदवार किथे – मोर बड़ नाम हे देस परदेस म। मोर सिखाये पढ़हाये मन बड़े बड़े पद म येती ओती बइठे हे, मोला टिकिस मिलही त, जम्मो झिन जुरिया के न केवल मोला जिताही बलकि, पारटी ला घला फायदा देवाही। मुखिया किथे – का करे हस तेहां, जेमा तोर बड़ नाव हे। उम्मीदवार किथे – लइका मन ला पढ़हा लिखा के योग्य बनाये के बूता करें हंव। मुखिया पूछिस – कतेक लइका ला तैं योग्य बना डरे हाबस ? ओ किथे – जे मोर संगत म अइस, तिही योग्य बनगे, गनती नी करे हंव। मुखिया किथे – तोर योग्य चेला म, अभू तक एको झिन बलातकार करके नाव कमइन, कन्हो लूट खसोट, हतिया डकैती म जेल गिन ? वो किथे – में बने बने काम बूता सिखाये हंव, अइसन काम थोरे करही मोर चेला मन ….। मुखिया किथे – तैं चुनाव जितई का, लड़े तक के अयोग्य हस। तैं पिछू कपाट ले खुसरइया राज्यसभा के चुनाव बखत आबे, तोर बर बिचार करबो।
तीसर उम्मीदवार हा, आतेच साठ अपन बखान करे लगिस – में चोरी डकैती सब कर चुके हंव, फेर, दुनिया के कन्हो पुलिस तिर, मोला धरे के सबूत निये। बलातकार तो कतको बेर कर देथंव, ओकर कन्हो हिसाब निये। सरे आम जेला में गोली मार के निपटा चुके हंव, तेकर हतिया के आरोप म, मोर बिरोधी जेल के हावा खावथे। अऊ रिहिस बात इहां जनम धरे के, त तैं इहां कहिथस ….., तैं जिंहा के जनम परमान पत्र बोल, उद्दे लान के देखा देथंव, मोर तिर कतको देस के जनम परमान पत्र बने माढ़हे हे। अऊ सबले बड़के एक बात ये हे के, मोर बाबू, खुद बहुतेच बड़ रसूखदार आय। ओकर नाव ले मा, कतको के पोटा, अइसने कांपे बर धर लेथे।
मुखिया ला अगला उम्मीदवार बलाये के आवसकता नी परिस। योग्य मनखे मिलगे। तुरते निरनय लेवत, इही उम्मीदवार ला, चुनाव लड़े अऊ जीते लइक, सबले योग्य उम्मीदवार समझ , जलदी से टिकिस बांट दिस ताकि, दूसर पारटी हा, येकर योग्यता के फायदा झिन उठा सकय। अऊ दूसर सीट बर घला, अइसने योग्य उम्मीदवार के तलास म लगगे।

हरिशंकर गजानंद देवांगन
छुरा.

संघरा-मिंझरा

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