घानी मुनी घोर दे : रविशंकर शुक्ल

घानी मुनी घोर दे
पानी .. दमोर हे
हमर भारत देसल भइया, दही दूध मां बोर दे
गली गांव घाटी घाटी
महर महर महके माटी
चल रे संगी खेत डंहर, नागर बइला जोर दे
दुगुना तिगुना उपजय धान
बाढ़े खेत अउर खलिहान
देस मां फइले भूख मरी ला, संगी तंय झकझोर दे
देस मां एको झन संगी
भूखन मरे नहीं पावे
आने देस मां कोनो झन
मांगे खतिर झन जावे
बाढे देस के करजा ला, जल्दी जल्दी टोर दे।

– रविशंकर शुक्ल
चंदैनी गोदा के लोकप्रिय और प्रसिद्ध गीत

संघरा-मिंझरा

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