अपन भासा अपन परदेस के पहचान

संपादक ये आलेख के लेखक के ‘प्रदेश’ शब्‍द के जघा म ‘परदेस’ शब्‍द के प्रयोग म सहमत नई हे। अइसे हिन्‍दी के अपभ्रंश शब्‍द मन जउन पहिली ले प्रचलित नई ये ओ मन ल बिना कारन के बिगाड़ के लिखई अर्थ के अनर्थ करना हे। ‘परदेस’ से आन देश के भाव आथे..

आज हमर छत्तीसगढ़ ल राज बने अठारह बछर होगे फेर मातृभासा म पढ़ाई -लिखाई नई होवत हे। छत्तीसगढ़ के हमर छत्तीसगढ़ी भासा अबड़ मीठ भासा आय जब दू झन अपन भासा म गोठ – बात करत रहिथे त सुनैया ल अबड़ सुख लागथे अउ हमर भासा छत्तीसगढ़ी के मान ह घलो बढ़थे फेर काबर हमर अपन मन के परदेस म अपनेच भासा के चिन्हारी नई हो पावत हे अपन भासा अपन परदेस के पहचान आय।अब देरी करे ले अपन नावा पीढ़ी मन का सोंछी इही बात ल सोंछ के मोला अबड़ गुनासी लागथे जब हमर भासा ह अतेक सुघ्घर अउ मीठ हावे त काबर आठवीं अनुसूची म सामिल नई होवत हे अऊ काबर पढाई – लिखाई म सामिल नई होवत हे ये विसय म सबो ल गुने ल लागहि तभे हमर भासा ह पोठ होही अऊ हमर छत्तीसगढ़ परदेस के मान बढ़ही।
कक्षा पहली से आठवीं म अब बिना देरी करे पाठ्य पुस्तक म सामिल करे के जरूरत हे।जादा सोंचा बिचारी म नावा पीढ़ी ल ऐखर लाभ मिले बर देरी होही।सिक्षा विभाग ल अब बिचार करे के जरूरत हे, एम. ए. छत्तीसगढ़ी ले निकले लइका मन ल काम मिलहि अऊ हमर अपन छत्तीसगढ़ी भासा ह पोठ होही। 28 नवम्बर 2007 म अपन छत्तीसगढ़ी भासा ह राज भासा तो बनीस फेर 10 बछर म आठवीं अनुसूची म नई सामिल हो पाईस ये बात ल दुख लागथे जब राज भासा के दरजा मिल गिस त अऊ का देरी हे अऊ फेर सबो परदेस के तो अपन -अपन भासा हे फेर हमर छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ी भासा होना चाहि न ? छत्तीसगढ़ राज भासा आयोग के गठन के बाद जरूर आघु आईस हे हमर भासा ह अऊ पोठ होईस हे फेर अऊ तेजी लाये के जरूरत हावे। 25 नवम्बर के दिन जांजगीर जिला म राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन होईस हावे अउ सम्मेलन म छत्तीसगढ़ के युवा कवि मन सामिल होइन छंद के छ परिवार अऊ शील साहित्य परिषद जांजगीर के संयुक्त तत्वाधान म हमर छत्तीसगढ़ के जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया जी ल काब्याजंली अरपित करिन अऊ छत्तीसगढ़ी भासा ल घलो पोठ करिन। वरिष्ठ साहित्यकार नन्द किशोर शुक्ला जी छत्तीसगढ़ राज भासा मंच के संयोजक अऊ श्रीमती लता राठौर छत्तीसगढ़िया महिला सेना अध्यक्ष छत्तीसगढ़ी महतारी भासा ल पोठ करे बर छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी पखवाड़ा मनावत हें जेखर सुरुवात बिलासपुर शहर ल करिन हे अऊ जगह – जगह पंहुँच के अपन भासा ल पोठ करत हें अऊ तो अऊ युवा साहित्यकार संजीव तिवारी जी जेन हें “गुरतुर गोठ” बेबसाइट म छत्तीसगढ़ी भासा के अलख जगावत हें अउ पोठ करत हें उहंचे देशबंधु समाचार पत्र ह लगातार मड़ाई अंक म हर रविवार के दिन छत्तीसगढ़ी भासा ल पोठ करे बर कविता, कहनी, लेख ले लोगन मन ल जगावत हे।
जन भासा ले राजभासा बने हमर चिन्हारी हमर महतारी भासा छत्तीसगढ़ी भासा ल अब समय रहत आठवीं अनुसूची म सामिल करे के जरुरत आय अऊ हमर सबो जिला के जिला अध्यक्ष ,पुलिस अधीक्षक ,सिक्षा विभाग के जिला सिक्षा अधिकारी जी मन ल अब अपन भासा म बोलना चाहि जेखर ल आमजन ल बल मिलहि अऊ हमर भासा ह पोठ होही इही विसवास के साथ।
जय जोहार जय छत्तीसगढ़

लक्ष्मीनारायण लहरे “साहिल ”
कोसीर सारंगढ

संघरा-मिंझरा

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