दुसरो के बाढ़ ला देखना चाही : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे।संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! परेवा कस केवल अपनेच बाढ़ ला नई देखना चाही रे दुसरो के बाढ़ ला देख के खुश होना चाही। फेर हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। ए दुनिया में अइसे बहुत कम मनखे हावय जउन मन ला दूसर के तरक्की बर्दाश्त होथे। देखे जाय तो हमन सहीं मनखे के अउ सहीं काम के जतका विरोध करथन ओतके विरोध कहूं गलत मनखे के अउ गलत काम के करन तब तो ये धरती स्वर्ग बन जाय फेर गलत काम के विरोध करे के ताकत हर आदमी में नई होवय अउ अच्छा काम करना अतेक सरल घलाव नई होवय।
अगर हमर मन में अइसे विचार हावय कि मैं देश अउ दुनिया बर कुछ बढ़िया काम करंव तब हमन ला हर विरोध के सामना करे बर अपन आप ला सहर्ष तैयार कर लेना चाही अउ फेर हमर रद्दा मे कतको बाधा आवय हमन ला कभू हार मान के पाछू नई हटना चाही। हमर भारत देश के अनमोल रतन भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न, प्रखरवक्ता, राजनीति के अजातशत्रु, लोकप्रिय जननायक, महाकवि, विद्वान, विराट व्यक्तित्व, राजनीति के पुरोधा, भारतमाता के दुलरवा बेटा माननीय अटल बिहारी बाजपेयी के जीवन हर हमन ला बहुत बडे़ सीख देथे के जिनगी हर खाली आगू बढे़ बर नई मिले हे बल्कि खुद आगू बढ़के लोगन ला आगू बढ़ाए बर मिले हे। जइसे नींद में लीन मनखे हर कोनो दूसर ला नई जगा सकय।
दूसर ला जगाय के पहिली हमन ला खुद जागे बर परथे। वइसने हमन ला दूसर ला आगू बढ़ाए खातिर आगू बढ़के आए ला परही तभे हमर जिनगी हर सार्थक होही अउह मन भारतमाता के संतान कहे के असली हकदार होबोन। अपन जिनगी में हर अच्छाई के सम्मान करना अउ हरेक बुराई के त्याग करना सबके बस के बात नई होवय। मॉ भारती के सेवा में अपन जिनगी के हर पल समर्पित कर देना सबके बस के बात नई होवय। दुनिया में सबले कठिन काम होथे सेवा करना अउ हमन काखर सेवा करतहन यहू बात हर हमर जिनगी ला बनाथे घलाव अउ बिगाड़थे घलाव।
हमर देश अउ दुनिया ला नवा आयाम देवइया, हमर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण करइया, हमर छत्तीसगढ़ राज्य में एनटीपीसी सीपत, कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता वि.वि., सुन्दरलाल शर्मा ओपन युनिवर्सिटी, बिलासपुर से अंबिकापुर तक रेल लाईन, रायपुर के बूढ़ातलाब में स्वामी विवेकानंद के प्रतिमा के अनावरण, अउ अपन मन वचन अउ कर्म से देश सेवा अउ देश प्रेम के संदेश देवइया जन-जन के लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी, माननीय अटल बिहारी बाजपेयी के नाम अउ काम जेखर विरोधी घलाव नतमस्तक होवय अपन यही स्वभाव के कारन अजर-अमर होगे काबर कि जिनगी भर उमन केवल अपने बाढ़ ला नई देखिन बल्कि सदा देश अउ दुनिया के विकास के सपना देखिन अउ वो सपना ला साकार करे खातिर अपन तन मन धन सबकुछ अरपन कर दिहिन। भारत माता के अइसे महान सपूत ला संपुर्ण भारतदेश के भावपूर्ण श्रद्धांजली अउ कोटि-कोटि नमन।
-<strong>रश्मि रामेश्वर गुप्ता</strong>
बिलासपुर

संघरा-मिंझरा

Leave a Comment