छत्तीसगढ़ी नाटक – मतदान बर सब्बो झन होवव जागरूक

(चुनाव के बुता म लगे शिक्षक घर-घर जा के मतदाता मन के सूद लेथे अउ मतदान करे बर सब्बो ल जागरूक करत हे)
शिक्षक रददा म रेंगत जात रहिथे त ओखर भेंट एक पागल मनखे ले हो जाथे,
पागल- जय हिंद गुरुजी कहाँ जात हास।
शिक्षक- जय हिंद, चुनाव अवइया हे भाई, तेखर सेती मतदाता मन ल जागरूक करे म लगे हौ, सब्बो मतदाता मन ल चुनाव के पहली जगाना हे।
पागल-कोनों फायदा नइ हे गुरु जी जगाए के जगाये तो सुते मनखे ल जाथे, फेर इंहा तो सब मर गे हे इमन ल का जगाबे तै,
शिक्षक- हँसथे फेर कइथे, हा तोरो बात ठीक हे फेर मतदाता मन ल जागरुक करना मोर काम हे तेला तो मैं करहु अऊ तै अपन काम ल कर, फेर तोर ले बात करना घलोक बेकार हे तभो ले एक बात सुन ले, एक शिक्षक कभु हार नइ मानय, काबर की सब ल सिखाये के जिम्मेदरी शिक्षक के रहिथे।
(शिक्षक फेर अपन काम ले आघु बढ़थे)
(शिक्षक सबले पहली किसान के घर जाथे)
शिक्षक- कोनो हावव का घर मा,
किसान- हव गुरुजी आत हव रुकहु थोड़ कन (बाहिर आये के बाद) कइसे का होंगे बताओ गुरुजी,
शिक्षक- ये बार तुहर घर म जतका मतदाता हे सब्बो मतदान दे बर जाहु, सब्बो काम बुता ल छोड़ के, पहली मतदान करू, अपन मुखिया चुने के अधिकार हे तुमनला,
किसान- हमन अपन काम बुता ल छोड़ के जाबो त हमन ल हमर एक दिन के रोजी कोन दिही गुरुजी, कमाथन तभे खाथन, अउ हमर एक झन मनखे के वोट नइ डाले ले का हो जही,
शिक्षक- कइसे जी खाना-कमाना त ऊमर भर हे, तोर एक झन के वोट नइ दे ले अइसे प्रत्याशी भी चुन के आ सकथे, जेन तोर बोली भाखा ल नइ समझे अऊ तोर कुछु विकास नइ करही, त फेर तै 5 साल तक कुछु नइ कर सकस,
तहि एक ठन बता बता मोला बता, तोर करा खेत हे ओला जोते बर कतना ठोंक हल चलाथस, एके ठोंन हल चलात होबे न, त एक हल ह तोर पूरा खेत ल जोत देथे, ता तोर एक वोट ले तै सरकार नइ बना सकस क, बस अपन मतदान के अधिकार ल जान अउ ये बार के चुनाव म मतदान जरूर करबे।
किसान- ले हव गुरुजी ये बार वोट दे ल जरूर जाहु अउ सब्बो झन ल संग म ले के जाहु।
(शिक्षक फेर आघु बढ़थे अउ युवा संगी मन के तीर म पहुचथे)
बेरोजगार युवा अउ कॉलेज के पढ़इया लईका
(मोबाइल म वीडियो गेम खेलत रहिथे )
शिक्षक- ये बार के चुनाव म आप सब्बो झन ल मतदान करना जरूरी हे, आपे मन ये दरी के चुनाव के दिशा ल बदलहु, आप मन ल पता ये ये दरी चुनाव कोन दिन हे कब हे?
एक युवा- का करबो जान के गुरुजी चुनाव कब हे, जब होही तब गूगल में सर्च कर के देख लेबो, हमन ल येखर ले का फायदा कोन जीतथे अउ कोन हारत हे,
(बाजू में ही रोजगार की तैयारी में लगे युवा)
हमन ल तो बस रोजगार चाही,
शिक्षक- सुनव संगवारी हो सब्बो झन ऐति आओ, सरकार के काम बुता का हे तुमन ल पता हे? सरकार के काम हे तुमन बर रोजगार के अवसर प्रदान करना, युवा संगवारी मन के विकास में सहयोग प्रदान करना, अउ तुमन अपन मत के उपयोग ले बने सरकार बना सकथव,अउ नइ बनाहू त तुमन ल बने रोजगार कइसे मिलही तुहर विकास कइसे होही, अपन मत के उपयोग कर के अपन बर बने सरकार बनना हे के दूसरे के चुने सरकार ल अपनाना हे, अब का फैसला हे तुहर हाँथ म हे।
युवा संगी – हव यार गुरुजी हा सही कहत हे, हमर पास तो अपन पसंद के सरकार बनाये के अधिकार हे तेला जानना जरूरी हे।
अउ हमन जेला चुनबो वही हमर विकास करही।
शिक्षक- हा अपना प्रतिनिधि चुनना तुमन के अधिकार हे अउ ओखर सही उयोग करव,
युवा- हा गुरुजी इस बार हम सब मतदान करेंगे, अउ ये दरी पहली बार मतदान करे के मौका हमू ल मिलही,
शिक्षक, किसान, युवा सब एक संग
आप सब्बो झन चुनाव के दिन जा के मतदान जरूर करहु, अपन मत के सकती ल पहिचाने, अउ कोनो भी लालच म आके अपन वोट के सवदा झन करहु।
जय भारत, जय छत्तीसगढ़ ।

अनिल कुमार पाली
तारबाहर बिलासपुर छत्तीसगढ़
प्रशिक्षण अधिकारी आई.टी.आई मगरलोड धमतरी

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