सत्य अउ अंहिसा के पुजारी रहिन गांधी बबा

राष्ट्रपिता गांधी जी के 150 वी जयंती मा उनला सादर शत् शत् नमन प्रणाम

आप सब जानत हव कोन रहिन गांधी बबा हर अउ देश ला आजाद करवाय बर कतका उदीम करिन , अउ हमर देश के आजादी मा गांधी बबा जी मन कतेक योगदान दे हवय ये सबो जिनिस ले आप सब भलीभाँति परचित हव आज गांधी बबा कोनो पहिचान के मोहताज नइये ।
हमर अपन देश के संगे संग विदेश के लोगन मनके घलो प्रिय रहिस हे गांधी बबा मन ।

गांधी जी के एके ठन उद्धेश्य रहिस हे जेन ला ओमन अपन जिनगी के आत्मासार मानय अउ ओखरे अनुसरण करत जिनगी के रसता मा आघू चलय मानो ओ कोनो छोटे मोटे शब्द नइ होके कोनो बड़का महामन्त्र रहिस गांधी जी हमेशा इही ला कहय :- अहिंसा परमो धर्मः ।

उनकर जिनगी मा कतको उतार चढ़ाव आइस , कतको नवा – नवा चुनौती उंखर आघू मा खड़ा होइस , फेर गांधी जी थोड़को विचलित नइ होइन अउ हमेशा ड़ट के सामना करत संघर्ष करत रहिके आघू बाढ़त गिन , कई बेर अंग्रेज मनके शासन काल मा (ओमन) अंग्रेज मन गांधी बबा ला कई परकार के लालच देईन डराइन धमकाइन ।

लेकिन गांधी बबा जी मन अपन विचारधारा ले टस से मस नइ होइन , उनकर कई झन संगी साथी रहिन आजादी के समय मा जेन मन सब अपन – अपन अलग अलग विचारधारा के रहिन , अउ अलग अलग विचारधारा होय के कारण ओमन दू ठन पार्टी मा बटगे ।

नरम दल अउ गरम दल , नरम दल के प्रमुख नेता रहिन गांधी जी मन , सबे झन लगे रहिन देश ला आजाद कराय बर अपन अपन हिसाब ले , लेकिन गांधी बबा जी जइसन कोनो अलग नइ कर पाइन , तेपाय के हमर सियानन मन घलो कई ठन सिखौना गोठ कहे हावय :-

काम बनै जब धीर मा , काबर जी खखवाय ।
मनखे सिधवा गा बनव , काम सबे बन जाय ।।

गांधी बबा मन के कहना रहिस हे कोनो भी काम ला हम जतेक शान्ति ढंग ले करथन ओ हर ओतके सुग्घर सुगम अउ सुफल होथे ।

हमला कभू भी अपन काम ला बनाय खातिर अउ अपन स्वारथ ला पूरा करे खातिर बर कभू गलत रसता नइ पकड़ना चाही , काबर गलत काम के फल हर हमेशा गलते होथे ।
गांधी बबा जी मन कहय अगर कोनो हमला चाहे आघू ले अपन होके कतको उकसावय भड़कावय हमला जल्दीबाजी नइ करना चाही , ओला ओखर जुवाब समय आय मा ओला खुदे मिल जाही ।

अइसन सुग्घर अउ नेक विचारधारा के रहिन हे गांधी बबा जी मन ।
गांधी बबा जी ला नान्हे – नान्हे लइका मन बड़ पियारा रहिस हे ,
गांधी बबा एके ठन बात ला हमेशा कहय – लइका मनला अइसे शिक्षा अउ संस्कार देना चाही , जीखर ले ओमन संसार के सबो धर्म अउ जाती मनके आदर करत ओमन ला सिखय अउ स्वीकार करके अपन जिनगी मा उतारय ।

मयारू मोहन कुमार निषाद
लमती भाटापारा बलौदाबाजार
मो.नं. 7999844633

Leave a Comment