रन चंडी बने ओ माता

रन चंडी बने ओ माता महिषा सुर ला मारे बर रन चंडी बने।
रन चंडी बने ओ माता…

बरम्ह देव के करिस तपस्या महिषा सुर अभिमानी।
काकरो हाथ ले मंय झन मरौ बर देवव बरदानी।

रन चंडी बने ओ माता..

बर ला पाके महिषा सुर हा रिसी मुनी ला सतावे।
दुख ला देख के इन्द्र देव बरम्हा बिष्नु ला मनावे।

रन चंडी बने ओ माता..

बरम्हा विष्णु शंकर भोला अइसन सुनता बंधावे।
महिषा सुर संग युद्ध करे बर जम्मो देंवता आवे।

रन चंडी बने ओ माता…

अजर अमर महिषा सुर पापी राहय बड़ बलशाली।
कोनो पार नई पावय युद्ध में बिधी हरि ञिपुरारी।

रन चंडी बने ओ माता..

नारी के हाथ में ये मरही कहिके बरम्ह बतावे।
युद्ध छोड़ के जम्मो देंवता अपन धाम सिधावे।

रन चंडी बने ओ माता..

अपन तेज शक्ति ले फेर देवी रूप सिरजाये।
बनके दुर्गा रूप भवानी महिषा सुर ला गिराये।

रन चंडी बने ओ माता..

रूप रहय बिकराली मां अठ्ठारा भुजाओं वाली।
अट्ठहास जब करे भवानी धरा डो़लाने वाली।

रन चंडी बने ओ माता..

महिषा सुर संग युद्ध करे जब देव फूल बरसावे।
धर ञिशुल छाती ला चीरे दानव दल संहारे।

रन चंडी बने ओ माता महिषा सुर ला मारे बर रन चंडी बने।

केंवरा यदु मीरा
पोखरा एंड राजिम
राजिम रेस्ट हाउस के पास
पोस्ट राजिम
जिला गरियाबंद



Related posts:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *