सरद पुन्नी अऊ कातिक महिना के महत्तम

हमर देस राज म हमर संसकिरीति सभियता रचे बसे हावय। हर परब के बिसेस महत्तम हावय। येमा एक परब सरद पुन्नी हे। कुंआर महिना के पुन्नी ल सरद पुन्नी के नाव ले जाने जाथे। हमर हिन्दू धरम म पंचांग के अनुसार वैसे तो हर महिना के बिसेस होथे। अइसने रितु हे सरद।
गोस्वामी तुलसीदास जी अपन रामचरितमानस म भगवान राम अऊ भैया लछमन के बीच संवाद जो कि किसकिंधा कांड म सरद रितु के बरनन अऊ महत्तम के बारे म लिखे हावय। जे रितु के राम भगवान ह अपन मुख से ओखर बिसेसता अऊ महत्तम ल बताये हे ते रितु ह बिसेस रईबे करही।
बरखा बिगत सरद रितु आई। लछिमन देखु परम सुहाई।।
फूलें कास सकल महि छाई। जनु बरषॉं कृत प्रगट बुढ़ाई।।

उदित अगस्ति पंथ जल सोषा। जिमि लोभहि सोषइ संतोषा।।
सरिता सर निर्मल जल सोहा। संत हृदय जस गत मद मोहा।।

रस-रस सूख सरित सर पानी। ममता त्याग करहिं जिमि ग्यानी।।
जानि सरद रितु खंजन आए। पाइ समय जिमि सुकृत सुहाए।।

पंक न रेनु सोह असि धरनी । नीति निपुन नृप कै जसि करनी।।
जल संकोच बिकल भइॅं मीना। अबुध कुटुंबी जिमि धनहीना।।

गोस्वामी तुलसीदास कृत
’’रामचरितमानस’’ किस्किंधा काण्ड

बछर भर म केवल सरद रितु के पुन्नी के तिथि के चंदा ह अपन सोलह कला ल धारन करे रईथे। येखर कारन सरद रितु के बिसेस महत्तम हाबय। पुन्नी के रतिहा घरो-घर बिसेसकर अब केवल गांव म कीर्तन-भजन गाये जाथे अऊ तसमई चुरो के चंदा के परकास म अंगना अऊ छानी म रखे जाथे। अऊ रतिहा या भिंसरहा वो तसमई के परसाद ल दवई के रूप म घर के लोगनमन ल अऊ आरा-परोस म बांटे जाथे, काबर के ये रतिहा चंदा अपन सोलह कला के साथ उगे रईथे अऊ हमर पिरिथिवी ले बहुत तीर म आ जाथे ये रतिहा चंदा के परकास म अमरित के धारा बोहात रईथे। जेखर कारन तसमई ल चंदा के परकास म रखे के बिधान हावय।
कईठन दवई ल सरद पुन्नी के रतिहा खाये के बिधान बनाये गे हे। आयुरबेर गरंथ म घलो प़ढ़े बर मिलथे। काबर के सरद पुन्नी के रतिहा चंदा के परकास म चिकित्सकीय गुन रईथे।
कई बैद महाराज मन सरद पुन्नी के रतिहा जीवन रछक बिसेस अउसधी ल बनाके रोगी के उपचार करे बर तसमई के साथ मिला के खवाथे।
सरद पुन्नी ले ही कातिक नहाय के महिना घलो सुरू हो जाथे जेहर कातिक पुन्नी तक रईथे।
ये प्रकार ले देखा जाये त सरद रितु अऊ पुन्नी के अति महत्तम हे। चाहे वो गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस म होवय, चाहे आयुरबेद गरंथ म,चाहे बैद महाराज के उपचार म, चाहे परारकिरितिक उपचार म सरद पुन्नी हमन बर बिसेस हे।

प्रदीप कुमार राठौर ’अटल’
ब्लाक कालोनी जांजगीर
जिला-जांजगीर चांपा
(छत्तीसगढ़)

संघरा-मिंझरा

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