सावन आगे

सावन आगे संगी मन भावन आगे। मन ल रिझाये बर फेर सावन आगे। चारो मुड़ा फेर करिया बदरा ह छा गे, हरियर-हरियर लुगरा म भुईया ह रंगा गे। सावन आगे संगी, फेर सावन आगे। रिमझिम-रिमझिम बरसत हे बादर , सब्बो मनखे के जीव ह जुड़ा गे। सुक्खा के अब दिन पहागे, सब्बो जगहा करिया बादर छा गे। सावन आगे संगी […]

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छत्तीसगढ़िया कहाबो, छत्तीसगढ़ी बोलबो अउ चल संगी पढ़े ला

छत्तीसगढ़िया कहाबो अपन महतारी भाखा ल गोठियाबो, छत्तीसगढ़िया कहाबो,संगी छत्तीसगढ़िया कहाबो। लहू म भर के भाखा के आगी,छत्तीसगढ़ी ल गोठियाबो। छत्तीसगढ़िया अब हम कहाबो, छत्तीसगढ़िया कहाबो। अमर शहीद पुरखा के आंधी ल, अपन करेजा म जराबो। बलदानी वीरनारायण जइसे, छत्तीसगढ़ के लईका कहाबो। अपन माटी अपन मया ल, छत्तीसगढ़ महतारी बर लुटाबो। छत्तीसगढ़िया कहाबो भईया, छत्तीसगढ़िया कहाबो। बघवा असन दहाड़ […]

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