नवा बिहान

हरियर-हरियर भुईया अउ चिड़िया-चिरगुन चहकत हे। नवा बिहान के सुग्घर-सुग्घर अंगना महकत हे। सोनहा कस हे माटी देख कइसन चमकत हे। संगी-संगवारी मन के संग म गुनत हे। लाली-लाली रंग म सुरुज दमकत हे। बगरा के उजियारा अंगना म पसरत हे। नदिया नरवा ह कईसन सुग्घर बोहावत हे। भुईया के अंगल अपन रंग म रंगत हे। सुरूर-सुरूर कहिके बैरी पवन […]

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