मोर गाँव ले गँवई गँवागे

मोर गाँव ले गँवई गँवागे बटकी के बासी खवई गँवागे मुड़ ले उड़ागे पागा खुमरी पाँव ले पनही भँदई गँवागे सुग्घर दाई बबा के कहिनी सुनन जुरमिल भाई बहिनी करमा सुआ खोखो फुगड़ी लइकन के खुडवई गँवागे खाके चीला अँगाकर फरा जोतै नाँगर तता अरा रा दूध कसेली खौंड़ी म चूरै मही के लेवना लेवई गँवागे आगे मोबाइल टीबी पसरगे […]

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व्‍यंग्‍य : बवइन के परसादे

कोनो भी बाबा के सफलता के पछीत म कोर्ह न कोई बवइन के पलौंदी जरूर होथें। मैं अपन चोरी चमारी के रचना सुना सुनाके तीर तखार के गाॅव म प्रसिध्द होगे हौं। फेर घर म जोगडा के जोगड़ा हौं। उही चिटियाहा चड्डी बनीयइन, बिन साबुन तेल के खउराहा उखराहा हाथ गोड़। चिथियाए बगरे भुरूवा भुरूवा बड़े बड़े चुंदी। गर म […]

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