व्‍यंग्‍य : जनता गाय

सरग म, पिरथी के गाय मन ला, दोरदिर ले निंगत देखिस त, बरम्हाजी नराज होगे। चित्रगुप्त ला, कारन पूछिस। चित्रगुप्त किथे – मरे के पाछू, गाय कस परानी मन अऊ कतिहां जाही भगवान, तिहीं बता भलुक ? बरम्हाजी पूछिस – अतेक अकन, एके संघरा मरिस तेमा ? चित्रगुप्त किथे – भाग म, जतका दिन जिये के हे, तेकर ले जादा, […]

Continue reading »

मोर गांव म कब आबे लोकतंत्र

अंगना दुवार लीप बोहार के, डेरौठी म दिया बार के – अगोरय वोहा हरेक बछर।  नाती पूछय – कोन ल अगोरथस दाई तेंहा। डोकरी दई बतइस – ते नि जानस रे, अजादी आये के बखत हमर बड़े –बड़े नेता मन केहे रिहीन, जब हमर देस अजाद हो जही, त हमर देस म लोकतंत्र आही। उही ल अगोरत हंव बाबू। नाती […]

Continue reading »
1 2 3 14