अब तो किरपा कर राम

बनगे छतीसगढ़ धाम, अब तो किरपा कर राम ।। तोर ममा गोते हा राज बनगे। कभू सोचे नइ रहे होबे, वो आज बनगे ।। सब जुरमिल के, लड-जूझ के राज बनाइन पहिलिच बरिस पानी बर बसाये तय। सब सुम्मत-सुकाल बर हाथ लमाइन, पहिलिथ बरिस धान कटोरा रिताये तय। अब दाना-दाना हर हमर लाज बनगे ।1। तोर ममा … कहाँ लिखे […]

Continue reading »