मानक बिना मान नही

हमर राज के गुरतुर छत्तीसगढ़ी बोली अब भाषा बन गेहे, अब तो छत्तीसगढ़ी के मान सम्मान आगास मा पहुंच जाना चाही, फेर अइसन का होवत हे कि हमर अंतस मा हमाय छत्तीसगढ़ी, सम्मान के अगोरा मा दिनोदिन दुबरावत हे? जम्मों झन ये बात ला नकार नइ सके कि कोनो राज, संस्कृति, परंपरा, भाषा अउ गियान-बिग्यान ला साहित्य हा सहेज के […]

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कहिनी : राजा नवयुग के मंत्रीमंडल

सतराज नाव के बड़ सुग्घर राज्य मा सत्यबीर सिंह नाव के प्रतापी राजा राज करय, वइसे तो ओखर नाम बीर सिंग ही रीहिस, फेर जब वोहा राजा बनिस तब राज परंपरा निभाय खातिर बीर सिंह के नाव के आघू मा सत्य जुडगे, ये परंपरा ला उँखर पुरखा मन तइहा जमाना ले चलाय रीहिन, उँखर कहना रीहिस कि राजा ला गियानी […]

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