गुरू-पून्नी

गुरू के महत्तम बर संत मन के कहना हे के यदि बरम्हा-बिस्नु-महेस ह ककरो ले घुस्सा होगे हे त ओकर ले ये दुनिया म एक-अकेल्ला गुरू ही हे जउन ह तिरदेव के घुस्सा ले बचा सकत हे, फेर यदि गुरू ककरो बर घुस्सा होगे त ये दुनियां म अइसन कोन्हों नइहे जउन ह गुरू के घुस्सा ले बचा सकय, तिरदेव […]

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गदहा मन के मांग

एक दिन गदहा मन के गांव म मंझनिहां बेरा हांका परिस- गुडी म बलाव हे हो- ढेंचू , जल्दी जल्दी सकलावत जाव हो ढेचू। सुनके गांव के जम्मो गदहा गुडी म सकलागे, कोतवाल गदहा ल पूछेगिस- कोन ह मईझनी-मंझनिहा बईठका बलाय हे ? तब एकझन सियान गदहा ह बोलिस-में ह बलायहंव ग बईठका ल, बात ये हे के आज बिहनिया […]

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