छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया

छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, गुरतुर बोली मीठ भाखा हे । कोन करिया कोन गोरिया, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया । गाँव गवई के हमन रहइया, माटी के हावय घर अऊ कुरिया । बर पीपर हे तरिया नदिया, बाग बगीचा घन अमरइया । मन निरमल हे गंगा जइसे, सब ला मया करइया । धोती कुरता पटकू पहिरइया, चटनी बासी पेज खवइया । खुमरी ओढे

Read more

किसान

रदरद रदरद गिरगे पानी, चूहे परवा छानी । ठलहा काबर बइठे भइया, आगे खेती किसानी । ये गा किसान, कर ले धियान चलव खेत चलव गा । नांगर जुवाड़ी ल जोर के भइया, धर ले बिजहा धान । अदरा अदरा बइला हावय, होथे हलाकान । अब होगे बिहान , जल्दी उठव किसान चलव खेत चलव गा । झउहा रापा कुदारी

Read more