चौकीदार घुघवा ( बाल कहिनी)

एक समे के बात ए। सब पंछी मन सकला के तय करीस के आज ले हमर चौकीदार घुघवा रइही। जगवारी अऊ रखवारी के बूता ल घुघवा के सिवा अऊ कोनो दूसर पंछी मन नई कर सकयं। रात के घुघवा ह सबला देख सकत हे। मुखिया पंछी के निरनय ल सब मान लेथें। घुघवा के चौकीदार बने ले चिरई-चिरगुन मन खुसी […]

Continue reading »