झांझ – झोला

आगी कस अंगरा, दहकय रे मंझनिया । धूकनी कस धूकथे, संझा का बिहनिया ।। हरके बरजे कस, पाना नई खरके । आंखी तरेंरे जब, कडके मंझनिया ।। आगी कस अंगरा ………………… टूकूर – टूकूर देखे, नवा – नवा बहुरिया । भुकूर – भुकूर लागे, धनी मोर लहरिया ।। आगी कस अंगरा ………………… चूह चुहागे पछीना, सरी अंग अंगिया । जरे […]

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