नरवा गरवा घुरवा बारी

नरवा गरवा घुरवा बारी योजना के चर्चा अभी पूरा देश में चलत हे। ए योजना ह छत्तीसगढ़ सरकार के महत्त्वपूर्ण योजना आय जेकर माध्यम ले गांव ल आत्मनिर्भर बनाय के उदीम होवत हे। कतको मनखे ल तो ए योजना ह समझ में घलो नी आय हे त पूछत रथे कि एकर ले का होही? गांव के विकास कइसे होही? फलाना-ढेकाना, अमका-ढमका वास्तव में नरवा गरवा घुरवा बारी ह कोनो नवा जिनीस नी होय। ए चारों ह छत्तीसगढ़ के संस्कृति अउ जनजीवन में समाहित धरोहर आय जेला जतने के उदीम ए…

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कहानी : ददा

“ललित!ए ललित!उठ ना रे!बेरा उगे हे।अउ कतेक बेर ले सुतबे?””एक कनी अउ सुतन दे दाई।अभी तो सात बजे हे।”अपन मुड़सरिया में रखे मोबाइल ल एक आंखी ल उघारके समे देखत ललित ह कथे।ताहने फेर चद्दर ल ओढके सुत जथे।अउ ओकर दाई ह ओला बखानत अपन घर के बुता म रम जथे।ललित ह गंगा अउ सुखराम के लइका आवय।दू झन नोनी अउ एक झन टुरा के दाई ददा रहय दुनों ह।नोनीमन के हांथ पींवराके दू बच्छर पहिली के हरहिंच्छा होगे रहय।अब ओमन ल अपन एकलउता बेटा ललित के संसो फिकर रहय।बारमी…

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