बाल लेखक सार्थक के कहानी : संगवारी

बोड़रा नाम के गांव रिहिस जी। उहां दू झन संगवारी रिहिस। एक के नाव बल्लू, दूसर के नाव स्याम। दूनो संगवारी जब समे मिलय, सनझाती बेरा, घूमे बर जाये। बल्लू अनपढ़ गंवार रिहीस, फेर सरीर ले बढ़ तगड़ा। दूसर कोती स्याम पढ़हे लिखे रिहीस, फेर सरीर ले कमजोर। एक दिन, सांझकुन जावत जावत दूनो झिन गोठियावत रिहिस। स्याम किथे –

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