तीजा लेवाय बर आही

एसो आषाढ़ के पहिली तीजा लेवाय बर तोर भाई आही दाई के मया ददा के दया सुरता के सुध लमाही मोटर फटफटी म चघाके तोर लेनहार तोला लेजाही जोर के जोरन कपड़ा लत्ता मोटरा खसखस ले भराही तीजा मानके तुरते आबे घर दुवार सुन्ना पर जाही आरो खबर लेवत रहिबे “माया” तोर सुरता अब्बड़ सताही तोर बिना घर सुन्ना रहि मैंय कईसे दिन ल पहाहुं नयना तरसहि तोला देखे बर हिरदय ल अपन मनाहुं!! सोनु नेताम “माया” रुद्री नवागांव धमतरी

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सोनू नेताम के कविता

स्वतंत्रता दिवस अमर रहे १५अगस्त तिहार आगे तिरंगा झंड़ा ल लहराबो नवा नवा युनीफाम पहिर दउंड़ के हम ईस्कुल जाबो आजादी दिन ल सुरता करके स्वतंत्रता दिबस मनाबो सत्य अहिंसा मार्गदरसक महात्मा गांधी ल सोरियाबो राष्ट्रगीत अउ राष्ट्रगान झँड़ा लहराके गाबो महात्मा सुभास जवाहर भारत माता के जय बोलाबो गीत कविता अउ भाषण मचंस्थ सभा म सुनाबो नन्हे मन्ने हम बीर सिपाही नाटक के नकल देखाबो बिहानिया ले आरा पारा मोहल्ला प्रभात फेरी जुलुस निकालबो झंड़ा उंचा रहय हमारा नारा लगावत जाबो गुरु गुरुजन अउ परमुख सियान एक जगा सब…

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