मया करबे त करले अउ आन कविता : सोनु नेताम “माया”

अजब गजब के अब्बड़ नखरा तैंय ह झन देखा न वो अंतस भितर म तोर का हे ओला तैय बने बता न वो काबर तैंय मुहुं फुलाथस तोर बिचार ल सुना न वो रहि रहि के भरमात रथस अपन संग मोला रेंगा न वो मया करे बर कुछु सोचत होबे पांव म पांव मिलाके चल न वो दुसर के देखा […]

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ओनहारी-सियारी

हरुना धान लुवागे संगी अब ओनहारी घलो उतेरबोन कन्हार माटी चिक्कट चिक्कट ओनहारी बर बिजहा खोजबोन लाख लाखड़ी जिल्लो बिजहा ओनहारी सियारी उपजाबोन धान-पान घलो लुवा टोरागे हांक दुन नांगर जोतबोन पाग आय उतेरा के हरिया हरिया बोबोन अरसी मसुर चना बटर कोढ़ियाके कोढ़ा देबोन खातु कचरा दवा दवई बने पेढ़ाय बर छितबोन कियारी बनाके नाली रेंगाके नहर पानी ल […]

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