बीता भर पेट

तुम बइठे हव मजा उड़ावत, गूगल इंटरनेट के। हम किंजरत हन बेवस्था मा, ए बीता भर पेट के। साक्षात्कार बुलाथव जाथे, बेटा हा हर साल के। खाली जेब कहाँ उत्तर दय, साहब तुँहर सवाल के। यू मे गो कहि देथव सँउहे, पाछू मुँह मुरकेट के। हम किंजरत हन बेवस्था मा, ए बीता भर पेट के। रोजगार के अवसर आथे, मरीचिका के भेस मा। बेटा भूखन लाँघन उखरा, शामिल होथे रेस मा। फड्डल नाँव लिखाथे ऊपर,हमर नाँव ला मेट के। हम किंजरत हन बेवस्था मा,ए बीता भर पेट के। समाचार टी.वी.पेपर…

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आल्हा छंद – नवा बछर के स्वागत करलन

बिते बछर के करन बिदाई,दे के दया मया संदेश। नवा बछर के स्वागत करलन,त्याग अहं इरखा मद द्वेष। आज मनुष्य हाथ ले डारिस,विश्व ज्ञान विज्ञान समेट। नवा बछर मा हमू खुसर जन,खोल उही दुनिया के गेट। हंसी खुशी मा हर दिन बीतय,हर दिन होवय परब तिहार। सदा हमर बानी ले झलकय,सदाचरण उत्तम व्यवहार। अंतस मा झन फोरा पारन,हिरदे मा झन देवन घाँव। मिले बखत हे चार रोज के,रहलन दया मया के छाँव। पूर्वाग्रह के चश्मा हेरन,अंतस मा सम भाव जगान। पूर्वाग्रह के कारण संगी,मानवता हावय परसान। छोड़ अलाली के संगत…

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