बिसवास अउ आसथा के केन्द्र – दाई भवानी , विन्दवासिनी अउ बाबा बन्छोरदेव

इहां होथय सब के मनोकामना पूरन लोकमत हे कि जुन्ना करेला गांव के ” डोंगरी ” म दाई भवानी आदिकाल ले बिराजमान हवै। पर एक ठन कहिनी घलोक बताये जाथे – गाँव पटेल महेन्द्रपाल सिंग के परदादा उमेंदसिंग कंवर गांव के मालगुजार रिहीन। उन हर जेठ के महीना म गांव के कुछ लोगन संग परछी म बइठे रिहीन उही बेरा […]

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मनहरन भइया

खेत के मेढ़ म पांव धरते ही मनहरण के गुस्सा सातवां आसमान म चढ़गे। खेत के धान फसल उनला बैरी जइसन लगे लगीस। खेत म जिहां – जिहां ओकर नजर दउड़िस, ओकर गुस्सा बाढ़ते गीस। ओहर बखुलागे – सब ल जला देहूं। साले मोला बिजरावत हवै। सच म कहे जाय त मनहरन ये सब्द गुस्सा के कारन कही दीस। मनहरन […]

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