गांधी के देश मा हिंसक होवत मनखे

मोहन दास करमचंद गांंधी जेला जम्मो देशवासी मन बापू अउ राष्ट्रपिता कहिथे। शांंति के पुजारी अउ महात्मा घलाव कहिथन।ये सब ला एखर सेती बतावत हावँव कि ये सर्वनाम हा अउ कोनों दूसर बर नइ कहे जाय।यहू सच आय कि “अहिंसा के पुजारी “अउ “गांंधी बबा” के नाम से गांंधी जी ला देश दुनिया मा जाने अउ पूजे जाथे।यहू सच आय कि गांधी मा भारत हे अउ भारत मा गांधी के सत्य अहिंसा । अहिंसा ला गांंधी जी बताइस कि मन, बचन अउ करम से कोनों जीव के हइता ,हिनमान नइ करना ला अहिंसा कहिबो।एसो ओखर जनम के 150 वाँँ बच्छर हमर देश मा अउ हो सकत हे ओकर बिचार रखइया मन दूसर देश मा उछाह ले मनइया हावय।

गांधी माने देश ला अजादी देवइया , अँगरेज संग बिना हथियार के लड़इया। संसार ला सत्याग्रह जइसन नवा रद्दा देखइया जइसे बिहार के नील सत्याग्रह, गुजरात के दांडी तक नमक सत्याग्रह, किसान सत्याग्रह, छत्तीसगढ़ के कंडेल के जल सत्याग्रह, दक्षिण अफ्रिका के सत्याग्रह एखर उदाहरण आय। अहिंसा ला गांधीजी सबले बड़े हथियार मानय जौन हा एटम बम ला फेल करे के ताकत रखथँय।

गांंधी जी ला लड़ई झगड़ा पसंद नइ रहिस। देश के अजादी बर दू दल मन लड़त रहिन।नरम दल अउ गरम दल। गांंधीजी नरम दल के रहिन। अँगरेज मन से अपन बात ला मनवाय बर उपवास, धरना, हड़ताल के सहारा लेवँय। परदेशी जिनीस ला झिन बउरे बर मनखे मन ला चेत करे बर सरेखीन। परदेशी कपड़ा लत्ता, घड़ी, खाय पीये के जीनिस के होली जलाय बर देश मा रहइया मन ला हाँका पारीन। गांंधी जी जतका आंदोलन करीन ओमा एक झन अँगरेज के हइता नइ करीन न कोनों ला मारीन। नइ हे कि ओमन डरपोकना रहिन। अइसना होतीस ता अँगरेज मन उनला कतका डरवाइन, जेल मा डारिन, हिनमान करीन तभो ले लड़ेबर नइ छोड़ीन। न बंदूक, न भाला, न बरछी,न तोप,उखर मेर एक्के हथियार रहिस सत्याग्रह।फेर आज गांंधी के देश बदलगे।

शांति के देश भारत के मनखे मन के बिचार अब बदलत जावत हे।अजाद होय अभी सत्तर बच्छर होय हे फेर शांति के पुजारी देश के मनखे मन भाई भाई के हइता, परोसी संग बैर भाव , बात बात मा बंदूक, तलवार निकलइया बन गे हावय। मनखे मन के बनाय राजनीतिक दल मन सत्ता पायबर दंगा फसाद , मार पीट, चाकू बिछवा , आगी लगाई के बुता, रेल रोकना, जड़क जाम करना अउ अइसने किसिम किसिम के हिंसा के बूता मा गरब करत जात हे।

जम्मू कश्मीर तो पाकिस्तान के सेती हिंसक होगे।फेर देश के प्रांतमन नक्सलवाद मा हिंसक बनत हे।मनखे मन अपने देश के , अपने भाई मन के रकत के पियासे बनगे हावय। गौ रक्षक बनके हइता, चोरी हारी ला छोड़ नारीमन के हिनमान मा पाछू नइ हे। गांंधी अउ गांंधी के सिद्धांत हा मूँहू मा गोठियाय अउ पार्टीमन के चुनाव जीतेबर एक बिषय बन गे।एक डहर मैं अउ मोर पार्टी गांंधी के सबले बड़े भगत के देखावा करत हें।दूसर डाहर सत्ता पाय बर हिंसक बनत हावय।भीड़ मा घेर के हमर रखवारी करइया पुलिस वाले मन ला मारे बर नइ छोड़त हे बाकी मन के तो पूछ झन।
ऋषि मुनि के देश ,शांति के नोबेल इनाम जितइया, जगत शांति के सपना देखइया हमर देश, शांतिदूत परेवा उड़इया देश मा अब तेजस अउ राफेल उड़ाय मा गरब गुमान समझत हावन। लड़ई के आधुनिक हथियार सकेलत हावन।एती महात्मा गांंधी के जय घलाव बोलात हन।

हीरालाल गुरुजी “समय”
छुरा, जिला-गरियाबंद

संघरा-मिंझरा

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